रेलों के पहियों कीे तालाबंदी कब हटेगी ?
जैसलमेर. कोरोना संकट के चलते देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन को अनलॉक में बदले डेढ़ माह का समय व्यतीत हो गया है, लेकिन देश के सीमावर्ती जैसलमेर से रेल सेवा अब भी ठप ही बनी हुई है। ऐसे में जिलावासियों समेत हजारों की संख्या में जैसलमेर में देश की सुरक्षा में जुटे सैन्यकर्मियों व अद्र्धसैनिक बल के जवानों व अधिकारियों को आवाजाही में बेजा असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उधर, जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट से एकमात्र अहमदाबाद के लिए ट्-जेट एयरलाइंस की विमान सेवा भी पिछले करीब एक सप्ताह से तकनीकी कारणों से बंद है। ऐसे में जैसलमेर से कहीं भी बाहर जाने के लिए रोडवेज की सीमित व्यवस्था के साथ निजी बसों का ही आसरा बचा रह गया है।
महीनों से वीरान प्लेटफार्म
जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर मार्च के दूसरे पखवाड़े से देशभर में रेल सेवाओं को स्थगित किए जाने के बाद से ही किसी यात्री गाड़ी की आवाजाही नहीं हो सकी है। जबकि अनलॉक 1.0 के तहत पड़ोसी जोधपुर और बीकानेर से कई लम्बी और मध्यम दूरी की ट्रेनों की सेवा लोगों को मिलना शुरू हो गई है। जैसलमेर से प्रतिदिन जोधपुर और बीकानेर के लिए पैसेंजर ट्रेनों के साथ जोधपुरए जयपुर व दिल्ली के लिए इंटरसिटी तथा अनेक शहरों से होकर गुजरने वाली रानीखेत ट्रेन का संचालन किया जाता था। उनके अलावा इस सीमांत शहर से सप्ताह में एक दिन मुम्बई और कोलकाता के लिए भी ट्रेनों की आवाजाही होती थी। पिछले करीब चार महीनों से इनमें से एक भी यात्री रेल सेवा का संचालन नहीं किया जा रहा है। जैसलमेर स्टेशन पूरी तरह से वीरान है और केवल मालगाडिय़ों का संचालन यहां से हो रहा है।
विमान सेवा फिलहाल बंद
जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट से लॉकडाउन से पहले अहमदाबादए सूरतए दिल्लीए मुम्बई और जयपुर के लिए रोजाना हवाई सेवा का संचालन होता रहा हैए लेकिन फिलहाल यहां से एक भी विमान सेवा शुरू नहीं है। गत अर्से से अहमदाबाद के लिए एकमात्र विमान सेवा का संचालन होता रहा है, लेकिन गत 12 तारीख से तकनीकी कारणों के चलते यह सुविधा भी स्थगित कर दी गई है। पहले इसे 18 जुलाई तक रोका गया था। अब 20 व 21 तारीख के भी विमान सेवा बाधित होने की सूचना मिल रही है। जैसलमेर से सभी बड़े शहरों के लिए हवाई सेवा का संचालन करने वाली स्पाइसजेट कम्पनी ने आगामी अक्टूबर तक विमान नहीं उड़ाने की जानकारी लिखित में दे दी है। जैसलमेर एयरपोर्ट के निदेशक बीएस मीना ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विमानन कंपनियों के सामने यात्रीभार नहीं मिलने की चुनौती बहुत बड़ी है।
परेशानी में लोग
देश के अंतिम छोर पर बसे जैसलमेर से यातायात के सबसे अहम साधन रेलों का संचालन नहीं होने से हजारों लोगों को परेशानियां पेश आ रही हैं। इनमें स्थानीय बाशिंदों के साथ व्यापार के सिलसिले में आने वाले लोग तथा सैन्यकर्मी शामिल हैं। जैसलमेर में सेनाए सीमा सुरक्षा बलए वायुसेना सहित अन्य बलों के करीब 40 हजार जवान व अधिकारी तैनात हैं। हजारों के परिवार भी यहां बसते हैं। उन सभी को रेल सेवा की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हो रही है। वर्तमान में निजी बसों के सहारे लोगों को पास के शहरों तक जाकर वहां से रेल का साधन पकडऩे की मजबूरी हो गई है।
फैक्ट फाइल .
-7. 50 लाख से ज्यादा जिले की आबादी
-40 हजार लोग सैन्य बलों के यहां तैनात
-06 ट्रेनों का रोजाना होता था संचालन
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/when-will-the-lockout-of-the-wheels-of-the-rail-be-lifted-6280928/
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