सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने जताया रोष, समझाइश के बाद शांत हुआ मामला
पोकरण. स्थानीय तहसील सभागार में बुधवार को आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान उस समय विवाद की स्थिति हो गई, जब अधिकारी ने किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिस पर किसानों ने विरोध जताते हुए अधिकारी को हटाने की मांग की। सूचना पर नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की तथा मामला शांत करवाया। गौरतलब है कि एचपीसीएल कंपनी की ओर से नाचना से पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी तक पाइपलाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है। यह पाइपलाइन सड़क किनारे स्थित खेतों से होकर निकलेगी। रामदेवरा व मावा गांव के बीच स्थित खेतों में निकल रही पाइपलाइनों पर किसानों ने आपत्ति जताई है। किसानों ने बताया कि अधिकारियों की ओर से न तो उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई है, न ही कोई नक्शा बताया जा रहा है कि कौनसे खसरे से पाइपलाइन निकाली जाएगी। कंपनी की ओर से बुधवार को कस्बे के तहसील सभागार में जनसुनवाई शिविर लगाया गया। इस दौरान क्षेत्र से आए किसानों ने अपनी आपत्तियां पेश की।
संतोषजनक जवाब नहीं देने पर जताया रोष
जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचे। किसानों ने यहां उपस्थित सक्षम अधिकारी नखतदान को एक ज्ञापन सुपुर्द कर मावा व रामदेवरा में कौनसे खसरे से पाइपलाइन निकाली जाएगी, उसका तकमीना, नक्शा, गजट नोटिफिकेशन व अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाने की मांग की। किसानों ने कौनसे खेत से किस जगह से कितनी लम्बी चौड़ी पाइपलाइन निकाली जाएगी, इसकी भी सूचना दिलाने की बात कही। साथ ही अंग्रेजी में लिखित दस्तावेजों की बजाय हिन्दी में लिखित दस्तावेज उपलब्ध करवाने, किसानों को मिलने वाले मुआवजे की जानकारी दिलाने की भी मांग की। अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर किसानों में रोष व्याप्त हो गया। किसानों ने विरोध शुरू कर दिया तथा कार्यशैली पर रोष जताया। इस दौरान किसानों की भीड़ एकत्र हो गई।
अधिकारियों ने की समझाइश, मामला करवाया शांत
यहां से किसान एकत्र होकर नायब तहसीलदार बंटी राजपूत के पास पहुंचे। उन्होंने एक ज्ञापन सुपुर्द कर बताया कि एचपीसीएल कंपनी की जनसुनवाई के दौरान उनकी ओर से आपत्ति पेश की गई, लेकिन अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं देकर धमकियां दी जा रही है। किसानों की समस्या पर नायब तहसीलदार राजपूत तहसील सभागार में चल रही जनसुनवाई में पहुंची। उन्होंने अधिकारी से बातचीत कर किसानों की समस्याओं को सुनने, उन्हें संतोषजनक जवाब देने, मांगी जा रही सूचनाएं हिन्दी में उपलब्ध करवाने आदि के निर्देश दिए। जिस पर मामला शांत हुआ तथा किसानों ने विरोध समाप्त किया।
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/the-farmers-expressed-their-anger-at-the-lack-of-hearing-the-matter-c-6432165/
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