Video: धोरों में गूंजती लोक लहरियों के प्रतिध्वनित होने से मदमस्त हुए रसिक
जैसलमेर. पूनम के पूर्ण यौवन दर्शाते चांद की साक्षी में विश्व स्तर पर पहचान बना चुके सम के धोरों में नामी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से अनूठा समां बांध दिया। सूर्यास्त के साथ ही रेत के समंदर पर संगीतमयी वातावरण ऐसा तैयार हुआ कि रसिक आनंद के सागर में गोते लगाकर मस्ती और ताजगी का अनुभव कर सुकून पाते रहे। लोक लहरियां धोरों में गूंजती हुई प्रतिध्वनित होकर रसिकों को मदमस्त किए रही। मरु महोत्सव के अंतिम दिन सांगीतिक कार्यक्रमों ने मीलों तक पसरे रेतीले धोरों पर गायकी का रस माधुर्य बरसा दिया। इण्डियन आइडल फेम एवं प्ले बेक सिंगर स्वरूप खान और विख्यात सिंगर ममे खान की मशहूर प्रस्तुतियों का दरिया बहा। विश्वप्रसिद्ध सम के धोरों पर रंगीन आतिशबाजी के साथ चार दिवसीय मरु महोत्सव का समापन हुआ। रेतीले धोरों के बीच बने आयोजन स्थल पर सजे-धजे ऊंटों व ऊंट गाड़ों से लाने का प्रबंध ने मेहमानों को काफी लुभाया। सम सेंड ड्यून्स पर नामचीन कलाकार स्वरूप खां ने राजस्थानी गीत के साथ मेरे रसके कमर, तेरी मेरी कहानी, मेरा पिया घर आया और पीके फिल्म का ठरकी छोकरो गीत सुनाया। जिस पर दर्शकों ने करतल ध्वनि कर उनकी हौसला अफजाई की। इसी तरह जैसलमेर के रामगढ़ निवासी माधव प्रकाश ने मोहम्मद रफी के गीत सुनाए। बालिका कलाकार अधिश्री ने नृत्य प्रस्तुत किया। बैठक व्यवस्थाओं को लेकर लोग नाराज नजर आए। जब विख्यात कलाकार मामे खां ने अपनी प्रस्तुति दी तो उपस्थित लोग उनके सुर से सुर मिलाने से खुद को नहीं रोक पाए। उन्होंने पधारों म्हारे देश सहित कई गीतों को सुर दिए।
व्यवस्था की खुली पोल
चार दिवसीय मरु महोत्सव के दौरान यूं तो अव्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं थी, लेकिन अंतिम दिन सम के रेतीले धोरों पर यह चरम पर दिखाई दी। एक ओर अधिकारी-जनप्रतिनिधि सपरिवार कार्यक्रमों का लुत्फ उठाते रहे, वहीं आमजन को बैठक व्यवस्था को लेकर परेशान होना पड़ा। रही-सही कसर पुलिसकर्मियों के दुव्र्यवहार ने पूरी कर दी। कार्यक्र्रम के दौरान उपस्थित कई दर्शक को अव्यवस्थाओं के बीच पुलिसकर्मियों का व्यवहार इतना नागवार गुजरा कि वे कार्यक्रम बीच में छोड़ कर ही चले गए।
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/the-rasikas-were-drowned-by-the-resonance-of-the-resonant-folk-waves-6719099/
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