...तो क्या सख्ती बेमानी है ? सीमांत जिले में थम नहीं रहा कोरोना का दावानल
जैसलमेर. मर्ज बढ़ता गया, ज्यों ज्यों दवा की...। यह पंक्तियां राज्य स्तर पर वीकेंड लॉकडाउन और पहले नाइट फिर पूरे दिन भर के कफ्र्यू जैसे फैसलों के बीच जैसलमेर जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों पर सटीक बैठ रही है। जिले में कोरोना के मामले निरंतर उफान पर है और इससे मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या तमाम तरह की बाजार और आवागमन बंद जैसी पाबंदियों का कोई मतलब नहीं रह गया है। जिले में पिछली 21 तारीख को पहली बार कोरोना पॉजिटिव का सैकड़ा हुआ, उसके बाद से यह सिलसिला दो सौए तीन सौ और चार सौ के आंकड़े को पार कर गया है। जिम्मेदार भी इसकी वजह नहीं जान पा रहे हैं। वे अपनी तरफ से कोरोना की चेन को तोडऩे की कोशिशें करते हैं, लेकिन कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
शहर और गांवों में एक से हालात
जैसलमेर जिले में कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत से पॉजिटिव शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी सामने आ रहे हैं। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पवन और सौर ऊर्जा में कार्यरत बाहरी कार्मिकों व श्रमिकों के पॉजिटिव पाए गए। बाद में ये स्थानीय लोगों तक पहुंच गए। शहर व गांवों में पॉजिटिव केसेज सामने आने की बड़ी वजहों में बाहरी जिलों के सम्पर्क, कुंभ स्नान को माना जा रहा है। समय रहते कोरोना की चेन नहीं टूट पाई और दूसरी लहर में कोरोना का वायरस भी ज्यादा संक्रामक के रूप में सामने आया है। इसी वजह से इस बार केसेज समूहों में सामने आए हैं।
आशंका के बीच लापरवाही
-रिकॉर्ड मामलों और कुछ मौतों के बावजूद आमजन के बीच कोरोना को लेकर लापरवाही का दौर अब भी पूरी तरह से नहीं थम पाया है।
-बाजारों में अधिकांश व्यापार-व्यवसाय बंद होने के बावजूद शहर की सड़कों व बाजारों में सुबह से शाम तक अच्छी खासी तादाद में लोग वाहनों पर घूमते दिखाई दे जाते हैं।
-पुलिस के भय से मुख्य मार्गों पर तो मास्क ठीक से लगा होता है, लेकिन जहां पुलिस की निगरानी नहीं है, वहां बहुत से लोग चेहरों पर मास्क तक ढंग से नहीं लगाते।
- जिले में गत दिनों से शादी समारोहों का आगाज भी हो चुका है। आगामी दिनों में 30 अप्रेल और फिर मई माह में बम्पर शादियां होनी हैं।
-प्रशासन के सामने इन शादियों में कोरोना गाइडलाइन की पूरे तौर पर पालना करवाने की बड़ी चुनौती है।
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/then-is-it-strictly-redundant-corona-s-claim-did-not-stop-in-fron-6823411/
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