कौन सुनेगा, किसको सुनाए.. पैकेज की मदद भी भूल गए ?
जैसलमेर. जैसलमेर का पर्यटन कोरोना की वजह से लगातार दूसरे साल लॉकडाउन झेल रहा है। इसके साथ हजारों लोग जो पर्यटन के सहारे रोजी.रोटी कमा रहे थे, उनमें से कइयों के सामने परिवार के भरण.पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है तो व्यवसायी वर्ग कर्ज और अर्थसंकट के दुश्चक्र में फंसा हुआ है। केंद्र व राज्य सरकारों ने इनकी अब तक कोई सीधी मदद नहीं की है। पिछले साल के कोरोना संकट को जैसे.तैसे झेल गए पर्यटन से जुड़े लोग अब सरकार से सुध लेने की गुहार लगा रहे हैं। यह और बात है कि केंद्र की तरफ से पिछले साल जारी किए गए 20 लाख करोड़ के पैकेज से पर्यटन क्षेत्र को कोई सीधी मदद नहीं मिली और इस साल अब तक केंद्र अथवा राज्य की तरफ से किसी तरह की सहायता का इरादा तक जाहिर नहीं किया गया है। परेशान पर्यटन क्षेत्र सवाल उठा रहा है कि अपूर्व संकट में भी सरकार कोई सहायता नहीं कर सकती तो पर्यटन क्षेत्र के लिए जारी होने वाले बजट का फिर क्या मतलब है?
हर कोई हैरान.परेशान
कोरोना की दूसरी लहर के चलते जैसलमेर पर्यटन से जुड़ा प्रत्येक आदमी व वर्ग खस्ता हाल हो चुका है। सम्पत्तिशाली लोगों को किश्तों व ब्याज से लेकर न्यूनतम खर्च ने चिंता में डाल रखा है तो लोक कला के दम पर सैलानियों का मनोरंजन करने वाले एक हजार से ज्यादा मंगणियार गायकों, वादकों तथा नृतकों के लिए तो भूखमरी के हालात ही बन गए हैं। पर्यटन के अलावा तमाम तरह के मांगलिक कार्य भी इन दिनों बंद है। ऐसे में उन्हें कहीं से आमदनी नहीं हो रही। यही स्थितियां कमोबेश गाइडिंग करने वालों, टैक्सी चालकों, केमल सफारी करवाने वालों से लेकर हैंडीक्राफ्ट, होटलों-रिसोट्र्स आदि के कामगारों आदि सबकी मुसीबतें एक समान ही है।
सहायता के लिए सरकार से गुहार
जैसलमेर गोल्डनसिटी टूरिस्ट कनफरडेशन सोसायटी ने पर्यटन से जुड़े सभी तबकों के हित में कदम उठाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से मांगें की हैं। इनमें पर्यटन क्षेत्र को बिजली.पानी न्यूनतम दरों पर मुहैया करवाने, जीएसटी व अन्य सभी कर मार्च 2020 से पूर्णतया माफ करने, सभी तरह की लाइसेंस फीस व सम्पत्ति कर माफ करने, कामगारों को भत्ता, तमाम गाइडों को न्यूनतम वेतनमान जारी करने, हैंडीक्राफ्ट, ट्रेंडलाइन व्यवसायियों के अलावा पर्यटन से सीधे जुड़े व्यवसायियों के लिए आर्थिक पैकेज तथा बिना ब्याज पूंजी उपलब्ध करवाने, ऊंट पालकों व जीप चालकों को न्यूनतम मजदूरी, लोक कलाकारों के परिवारों को संपूर्ण मदद व न्यूनतम मजदूरी की मांग उठाई है।
हमारी तकलीफ सुने सरकार
नागरिक अपने हितों की रक्षा के लिए सरकार चुनते हैं। कोरोना ने जैसलमेर पर्यटन को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है। सरकार को आगे बढ़कर पर्यटन से जुड़े लोगों की प्रभावी ढंग से मदद करनी चाहिए।
-पृथ्वीराज, अध्यक्ष, गोल्डनसिटी टूरिस्ट कनफरडेशन सोसायटी
सहनशक्ति से बाहर
लगातार दूसरे साल कोरोना से पर्यटन को अपार नुकसान हो रहा है। अब इसे सहन करना मुमकिन नहीं है। केंद्र व राज्य सरकारें पर्यटन क्षेत्र के सभी भागीदारों की समस्याओं का समाधान करें।
-कैलाश व्यास, अध्यक्ष, सम कैम्प एंड रिसोर्ट वेलफेयर सोसायटी
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/who-will-listen-tell-whom-forgot-even-the-help-of-the-package-6869603/
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