दलहनी फसलों का वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन विषय पर दिया प्रशिक्षण

पोकरण. कृषि विज्ञान केन्द्र में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दलहनी दलहनी फसलों का वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन करने के विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 25 किसानों ने भाग लिया। शस्य वैज्ञानिक डॉ.कृष्णगोपाल व्यास ने खरीफ में बोई जाने वाली दलहनी फसलों मूंग व मोठ के उत्पादन की वैज्ञानिक विधि के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि खेती की तैयारी के समय 10 टन गोबर की खाद या पांच टन वर्मिकम्पोस्ट को अच्छी तरह से मृदा में मिलाकर तैयार करें। उन्होंने मूंग व मोठ की उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बीजोपचार विधि के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने फसलों की बुआई सीडड्रिल मशीन से 30 सेमी कतार से कतार एवं 10 सेमी पौधे से पौधे की दूरी पर रखकर करने की बात कही। उन्होंने मूंग व मोठ में पोषक तत्व प्रबंधन के लिए यूरिया, डीएपी, तत्व गंधक, जिप्सम आदि का उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही सफेद मक्खी व मोयला के प्रकोप से बचाव की जानकारी दी। कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ.सुनीलकुमार शर्मा ने कृषि क्षेत्र में सूचना एवं संचार तकनीकी के महत्व से अवगत करवाया। मृदा वैज्ञानिक डॉ.बबलू शर्मा ने मृदा जांच पर आधारित समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी। गृह वैज्ञानिक डॉ.चारू शर्मा ने दलहन की खेती में उपयोगी उन्नत कृषि यंत्रों के बारे में बताया। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ने बकरीपालन पर प्रकाश डाला।



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