नहीं थम रहा प्रवासी पक्षियों की मौत का सिलसिला, वन्य प्रेमियों ने जताया रोष
लाठी. क्षेत्र के देगराय ओरण से निकल रही बिजली की हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर आए दिन प्रवासी पक्षियों की मौत व घायल होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन हो रही घटनाओं में प्रवासी पक्षी काल का ग्रास बन रहे है, वहीं इसकी रोकथाम को लेकर प्रशासन द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने के कारण पक्षी प्रेमियों में भारी रोष व्याप्त है। शनिवार को भी देगराय ओरण में बिजली की हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक प्रवासी पक्षी कुंरजा की मौत हो गई वहीं एक गंभीर रूप से घायल हो गई। गुस्साए पक्षी प्रेमियो ने बिजली की हाइटेंशन लाइन के पास पंहुचकर विरोध प्रदर्शन किया, साथ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार देगराय ओरण से हाइटेंशन विद्युत लाइन निकल रही है। देगराय ओरण व आस-पास के क्षेत्र में बहुतायत में गिद्ध व कुंरजा, गोडावण निवास करते हैं।ये पक्षी रात को आस-पास की पशुखेळियों व नाडियों में पानी पीने के लिए आते हैं। इस दौरान अंधेरे में तार दिखाई नहीं देने से गिद्ध व गोडावण, कुंरजा जैसे पक्षी तार में उलझ जाते हैं तथा करंट लगने से उनकी मौत हो जाती है। गुरुवार सुबह भी देगराय ओरण से निकल रही विद्युत तार की चपेट में आने से एक प्रवासी पक्षी कुंरजा कि मौत हो गई वहीं एक कुंरजा गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पक्षी प्रेमी सुमेरसिंह सांवता, तनसिंह मूलाना, गोमाराम सावता, जोगराजसिंह सावता, लोकेश, सवाई, रावल सावंता सहित बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया साथ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पक्षी प्रेमी सुमेर सिंह सांवता ने बताया कि ओरण से निकल रही बिजली कि हाइटेशन लाइनों को निकालने का शुरू से विरोध कर रहे हैं। पिछले वर्ष ओरण में एक मादा गोडावण सहित सैंकड़ों कि तादाद में पक्षी इन लाईनों की चपेट में आने से मर गये थे। पिछले एक पखवाडे में यह छठी घटना है। ओरण में एक हफ्ते में अभी तक कुल 15 कुंरजा पक्षियों की मृत्यु हो चुकी है। बावजूद इसके मूक प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों ने कोई प्रयास नहीं किए हैं।
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/the-process-of-death-of-migratory-birds-is-not-stopping-wild-lovers-e-7147804/
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