चिकित्सकों पर बाहर से जांच करवाने का आरोप, मरीज हो रहे परेशान
नाचना. केस 1
ताड़ाना निवासी झबरसिंह पुत्र आमसिंह ने बताया कि वह अपने पिता के उपचार के लिए नाचना अस्पताल आया। चिकित्सक ने जांच लिखी और बाहर रामदेव अस्पताल से जांच करवाने की बात कही। इस जांच में 450 रुपए खर्च करने पड़े। दो इंजेक्शन भी बाहर से लाने पड़े।
केस 2
आकलवाला निवासी नजीर पुत्र पीरबक्श ने बताया कि वह अपनी पुत्री शंभू के उपचार के लिए नाचना आया, तो चिकित्सक ने जांच बाहर से करवाने की बात कही। साथ ही बताया कि अस्पताल में जांच की मशीन सही नहीं है। शेखों का तला निवासी शाले मोहम्मद पुत्र अलादीन भी अपनी पुत्री उम्मेदखातुन के उपचार के लिए आया। बुखार की जांच करवाई और चिकित्सक ने जांच के लिए बाहर भेजा, जिसमें 500 रुपए खर्च हुए।
केस 3
पांचे का तला निवासी नबीबबक्श पुत्र ताज मोहम्मद अपना उपचार करवाने के लिए आया। उसे भी चिकित्सक ने बाहर से ही जांच करवाने का कहा। पांचे का तला निवासी इमामदीन पुत्र तायरखां अपनी पुत्री शाजिया के उपचार के लिए आया। चिकित्सक ने जांच बाहर की लिखी, जिसमें उसे 400 रुपए का खर्च आया। कुछ दवाइयां भी बाहर से मंगवाई।
जिले के सबसे बड़े सीमावर्ती नाचना गांव में स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों की ओर से बाहर से जांचें करवाने पर मरीजों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में मरीजों ने भी उच्चाधिकारियों से कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्र से आए मरीजों ने बताया कि सरकार की ओर से अस्पतालों में जांच नि:शुल्क करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन नाचना अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की ओर से जांच के लिए मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि राजकीय अस्पताल की प्रयोगशाला में करीब 38 प्रकार की जांचें नि:शुल्क है, जिसमें मलेरिया व रक्त संबंधित सीबीसी जांच भी शामिल है। नाचना में कार्यरत चिकित्सकों की ओर से जांच के लिए मरीजों को बाहर स्थित निजी प्रयोगशालाओं से जांच के लिए भिजवाया जा रहा है। यहां 300 से 500 रुपए तक मरीज को खर्च करने पड़ रहे है। इसके अलावा कुछ दवाइयां भी बाहर की लिखी जा रही है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
80 किमी परिधि से आते है मरीज
नाचना क्षेत्र में बड़ा अस्पताल यहां स्थित है। आसपास 80 किमी परिधि क्षेत्र में स्थित गांवों व ढाणियों से मरीज अपने उपचार के लिए नाचना पहुंचते है। जिससे अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 आउटडोर रहता है। अस्पताल में जांचें व दवाइयां बाहर की लिखने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
की जाएगी कार्रवाई
मैं अभी अवकाश पर हूं। यदि अस्पताल में किसी चिकित्सक की ओर से बाहर की जांचें लिखी गई है, तो गलत है। इस संबंध में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में लगी जांच मशीनें सही है।
- डॉ.रवि सांखला, प्रभारी चिकित्साधिकारी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नाचना।
source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/doctors-accused-of-getting-tested-from-outside-patients-are-getting-u-7197698/
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