Video: 10 हजार फीट की ऊंचाई से 'दुश्मन ' के घर में उतरे 400 जांबाज और लक्ष्य को किया नेस्तनाबूद


पश्चिमी सीमा से (जैसलमेर). दुश्मन की सरजमीं पर चिन्हित लक्ष्य को नेस्तनाबूद करने के लिए 400 भारतीय जांबाज 10 हजार फीट की ऊंचाई पर दुश्मन की सरजमीं पर एयरक्राफ्ट सी -1&0 , सी-70 और एएन-&2 से कूदे तब वे किसी बहुत छोटे पतंगे जैसे नजर आए और थोड़ी देर में धरातल पर उतर कर उन्होंने बम-गोले बरसाते हुए लक्ष्य को हासिल कर लिया। इससे पहले भारी मालवाहक विमानों ने सीमा के उस पार टैंक से लेकर सैन्य वाहनों और मेडिकल से लेकर सर्जिकल टीमों को सफलतापूर्वक उतार दिया था। ये सभी साधन कुछ मिनटों के अंतराल में कूदे पैराट्रूपर्स के काम आ गए और साझा अभियान में बहुत बड़ा लक्ष्य महज आधे घंटे से भी कम समय में हासिल कर सफलतापूर्वक दुश्मन की सीमा से बाहर निकल गए। यह साहस, शौर्य और समझदारी का संगम भारतीय सेनाओं की ओर से सेना की दक्षिणी कमान की मेजबानी में पिछले एक सप्ताह से जैसलमेर जिले के सीमावर्ती रेगिस्तानी क्षेत्र में किए जा रहे दक्षिण शक्ति युद्धा यास के समापन मौके पर बखूबी नजर आया। थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की मौजूदगी में आयोजित दक्षिण शक्ति अभियान के समापन के मौके पर भारतीय सेना के सभी अंगों की एकजुटता और तालमेल की शानदार तस्वीर पेश की गई। उनके साथ सदर्न कमांड जेओसी ले िटनेंट जनरल जे. एस. नैन, दक्षिण पश्चिम वायुसेना कमान के कमान अधिकारी एयर मार्शल विक्रमसिंह तथा जेओसी बैटल एक्स डिविजन मेजर जनरल अजितसिंह गहलोत भी मौजूद थे।
सीमापार तक पहुंचा साफ संदेश
सेना की दक्षिणी कमान के नेतृत्व में पिछले तीन महीनों से गुजरात के क'छ से राजस्थान के रेगिस्तान तक में आयोजित किए गए दक्षिण शक्ति अभियान में भारतीय सेना ने जिस जोश-खरोश, काबिलियत, अत्याधुनिक तकनीक के साथ पार परिक धमाकों का बेजोड़ प्रदर्शन किया। उसकी धमक सीमा पार बैठे भारत के दुश्मनों को जरूर सुनाई दी होगी। इस तरह का अभ्यास भविष्य की किसी भी चुनौती का सामना करने की हमारी तैयारी को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों के साथ अभियान में राÓय सरकार के प्रशासन व पुलिस आदि एजेंसियों का भी साथ मिला। गौरतलब है कि दक्षिण शक्ति अभियान को दक्षिण कमान के अब तक के सबसे बड़े युद्धा यास के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें कुल तीस हजार सैनिकों व अधिकारियों आदि ने भागीदारी की।
नई तकनीकी का बेहतरीन इस्तेमाल
यह युद्धाभ्यास पहली बार नवीनतम तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान सीमा के पास किया गया। भारतीय सेना ने इस अभियान के जरिए बताया कि मौजूदा परमाणु शक्तियों से लैस देशों के बीच सीमित जगहों व कम समय के लिए आमने-सामने की लड़ाई में जोश के साथ होश का इस्तेमाल करने वाले की विजय होगी। सेनाओं ने इसमें टैंक यूनिट तथा जमीनी युद्ध करने वाले सैनिकों के साथ अंतरिक्ष, सायबर, इलेक्ट्रोनिक्स और आइटी के तंत्र को भी शामिल किया। यह एक तरह से एकीकृत युद्धाभ्यास का मंजर रहा। जो गुजरात के सरक्रीक से लेकर जैसलमेर के रेगिस्तानी भूभाग पर दिखाई दिया।



source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/400-brave-men-landed-in-the-enemy-house-from-a-height-of-10-thousand-7194312/

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