परमाणु नगरी की रेंज में 7 दिनों तक गूंजी स्वदेशी तोप

पोकरण (जैसलमेर). भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सरहदी जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में सात दिनों तक लगातार एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम एटीजेएस का परीक्षण किया गया। गत 26 अप्रेल को शुरू हुआ यह परीक्षण दो मई को संपन्न हुआ। डीआरडीओ व सेना के अधिकारियों के निर्देशन में रेंज में एटीजेएस तोप का परीक्षण किया गया है। सरहद पर हुए इस परीक्षण ने दुश्मन देश को भारत ने अपनी शक्ति का परिचय दिया है। गौरतलब है कि इस तोप का निर्माण भारत में ही दो कंपनियोंं की ओर से किया गया है। भारत फोर्ज लिमिटेड व टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की ओर से निर्मित इस तोप के छह-सात परीक्षण हो चुके है। 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित परेड में इसका आमजन के समक्ष प्रदर्शन किया गया था। 155 एमएम व 52 केएल के नाम से पहचानी जाने वाली एटीजेएस तोप का माइनस तीन डिग्री तापमान में पूर्व में परीक्षण किया गया था। अब पोकरण की फील्ड फायरिंग रेंज में 45 डिग्री से अधिक तापमान में इसका सफल परीक्षण किया गया है। सूत्रों के अनुसार यह तोप 48 किमी पर बैठे दुश्मन के ठिकाने को नैस्तनाबूत करने की शक्ति रखती है। पोकरण की रेंज में हुए परीक्षण में इस ताकत को 48 से बढ़ाकर 52 किमी तक करने का परीक्षण किया गया है।
2016 में पहला परीक्षण, वजन 18 टन
- एटीजेएस तोप का पहला परीक्षण 2016 में किया गया था।
- इस तोप का वजन 18 टन है।
- यह सबसे लंबी दूरी तक वार करने में सक्षम स्वदेशी तोप है।
- यह तोप माइनस तीन डिग्री से प्लस 75 डिग्री तक एलिवेशन ले सकता है।
- इसकी फायरिंग रेंज 48 किमी तक है। अब इसे 52 किमी तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
- एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम को विकसित करने में करीब चार वर्ष लगे।
- भारतीय सेना के पास 155 एमएम की यह गन फिलहाल सात है।
- इस तोप की बैरल की लंबाई 8060 मिलीमीटर है।



source https://www.patrika.com/jaisalmer-news/indigenous-artillery-resonated-for-7-days-in-the-range-of-nuclear-city-7509989/

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